पटना: बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया है। अगमकुंआ थाना पुलिस और एसआईयू (SIU) की संयुक्त कार्रवाई में ₹2,02,500 मूल्य के जाली नोट बरामद किए गए हैं। इस दौरान चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से लेकर पाकिस्तान तक फैला होने की आशंका जताई जा रही है।
गिरोह और बरामदगी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गिरोह नकली नोटों की बड़ी खेप सप्लाई करने वाला है। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जिसमें ₹100 और ₹500 के नकली नोट, एक हुंडई औरा कार तथा अन्य उपकरण जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
राणा लव
राणा कुश
अश्मित कुमार
आशुतोष कुमार
मास्टरमाइंड राणा लव का प्रोफाइल
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना राणा लव इटली के University of Padova में आईटी की पढ़ाई कर रहा था। वहां एक आपराधिक मामले में फंसने के बाद वह दुबई भाग गया। बाद में भारत लौटकर उसने नकली नोटों का धंधा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि स्टॉक मार्केट में भारी नुकसान के बाद उसने इस अवैध रास्ते को अपनाया।
यूपी और पाकिस्तान से जुड़े तार
गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया है कि नकली नोटों की सप्लाई उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और अन्य क्षेत्रों से की जा रही थी। नोटों की उच्च गुणवत्ता को देखते हुए पुलिस पाकिस्तान कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
साथ ही, राणा लव और राणा कुश के पिता का एक राजनीतिक दल से संबंध होने की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच जारी है।
आगे की कार्रवाई
पटना सिटी (पूर्व) के एसपी परिचय कुमार के अनुसार, गिरोह पहले भी यूपी से नकली नोट लाकर पटना में सप्लाई कर चुका है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल डेटा खंगाल रही है और प्रिंटिंग मशीनरी की तलाश में जुटी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को भी सूचित किया गया है। साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से नकली नोटों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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